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Pal G Palace, Jagat Farm, Greater Noida
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पूरा विश्व वर्तमान में डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा है , इसी के फलस्वरूप साइबर हमलों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। हॉल ही में ऑस्ट्रेलिया की संचार प्रणाली पर हमला हुआ जिसने वहाँ की दूरसंचार ब्यवस्था को तहस- नहस कर दिया। भारत भी इस तरह के हमलों से ग्रसित है, क्योंकि दिन प्रतिदिन डिजिटल का प्रयोग बढ़ रहा है। भारत में डाटा चोरी एक बड़ी समस्या है। अतः साइबर सुरक्षा हेतु रोडमैप तैयार करना समय की आवश्यकता है।

साइबर सुरक्षा हमारे लिए क्यों आवश्यक हो गई है ?

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साइबर अपराध कई प्रकार से होता है, जैसे – कंप्यूटर, मोबाइल या की इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की सहायता से दूसरे लोगो की सूचनाएं बिना उनकी अनुमति के चुराना इत्यादि। इंटरनेट का प्रयोग बढ़ने से साइबर अपराधों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। अपराधी गुप्त जानकारी, किसी कंपनी का महत्वपूर्ण डेटा, सरकार की महत्वपूर्ण संवेदनशील सूचनाएं, बैंकिंग फ्रॉड इत्यादि फेंक न्यूज़ या फेंक आई डी का प्रयोग करके जुटातेें है। भारत में १९९९ में गठित साइबर समीक्षा समिति ने पहली बार साइबर सिक्योरिटी की बात कही थी। वर्तमान में, भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु भी एक पुख्ता रोडमैप की भी आवश्यकता है।

साइबर सुरक्षा भारत :

भारत में डिजिटल अर्थव्यबस्था का कारोबार बढ़ रहा है उद्योग 4.0 के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स के प्रयोग पर ध्यान दिया जा रहा है। भारत में डेटा लोकलाइजेशन, E – गवर्नेंस आदि मुद्दों का स्थायी हल निकलना जरुरी है। इसी कार्य में प्रमुख चुनोतियाँ कुशल मानव संसाधन की कमी, फेंक न्यूज़ का चलन, अन्य देशो पर निर्भर रहना, प्रमुख संस्थानों में एकजुटता की कमी आदि प्रमुख हैं।

साइबर सुरक्षा अधिनियम या भारत सरकार द्वारा किये गए प्रयास :

1. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000

2. साइबर सुरक्षा निति 2013

3. CERT – IN  (Indian Computer Emergency Response Team)

4. साइबर स्वच्छता केंद्र की स्थापना |

इसके अलाबा भी अन्य उपायें करना भी महत्वपूर्ण है जैसे –
– कुशल मानव संसाधन के आकार में भी बृद्धि की जाएं।
– सरकार द्वारा किये गए प्रयसों पर भी सही तरीकों से अमल हो।
– शिक्षा व्यवस्था में साइबर सुरक्षा और अपराध से बचने के तरीके शामिल हो।
– सरकार, विभिन्न संस्थान और निजी क्षेत्र मिलकर एक व्यापक निति बनायें

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Now Companies preferring to take Insurance for digital fraud and cyber crime also

Digital fraud,  and cyber crime are the danger alarm for the world wide in the present scenario. In this situation, now companies are also thinking about insurance to make up for the loss from digital fraud/any cybercrime. In India, ICICI Lombard has started the first such kind of insurance service. Anyone can buy this insurance service by ICICI Lombard. ICICI Lombard is not first to provide insurance against Cybercrime. Before ICICI Lombard many other insurance companies also providing such kind of insurance. But, Till now such facilities were for corporate only, not for everyone. Under this, insurance up to Rs. 1 crore can be done at a fee of Rs. 65 daily. 

In the last one year, there was a loss of Rs 12,400 crores in India due to cyber crime. In the year 2019, 13.12 crore people in India became victims of cyber crime. Of these, 63 percent suffered financial losses. The Chinese hacker named Kovid-19 attempted 40,300 cyber attacks in the third week of June. According to the Internet Crime Report released by the FBI’s Internet Crime Complaint Center, India ranks third among the 20 countries most affected by cyber crime.

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